* अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस *
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मेहनत के रंग ले बढ़के,
का कोनो दूसर रंग होथे?
बिना मेहनत के जिनगी,
यहू का जीये के ढंग होथे?
माथ म छलके पसीना,
मोहे बिंदिया कस नगीना।
तन म धुर्रा माटी लागय,
इही माटी म मरना जीना।।
हाँसी मोर पबरित काशी,
मोर मन मोहय बोरे बासी।
घाम पानी जाड़ बरोबर,
सब दिन लागय बारोमासी ।।
तन के करिया मन उजरा,
सबो बर मीठ मीठ बोली हे।
मेहनत के रंग में रंग जाथंव,
मोर बर रोज देवारी होली हे।।
मोर बर रोज देवारी होली हे।।
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नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।
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मेहनत के रंग ले बढ़के,
का कोनो दूसर रंग होथे?
बिना मेहनत के जिनगी,
यहू का जीये के ढंग होथे?
माथ म छलके पसीना,
मोहे बिंदिया कस नगीना।
तन म धुर्रा माटी लागय,
इही माटी म मरना जीना।।
हाँसी मोर पबरित काशी,
मोर मन मोहय बोरे बासी।
घाम पानी जाड़ बरोबर,
सब दिन लागय बारोमासी ।।
तन के करिया मन उजरा,
सबो बर मीठ मीठ बोली हे।
मेहनत के रंग में रंग जाथंव,
मोर बर रोज देवारी होली हे।।
मोर बर रोज देवारी होली हे।।
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नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।

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