बड़ सुरता आथे वो तोर होठ के लाली।
मीठ मीठ बोली , कोईली के जईसन ,
देखेवं मै तोला तो लागे तैं दिलवाली ।
हिल झुल के रेंगना ,हिरनी के जइसन ,
लचके कमरिया जइसे फुल के डाली ।
जिनगी मा रानी रे , अगोरा हावय तोर ।
आजा ना गोरी रे , दिल हे मोर खाली ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


0 टिप्पणियाँ