हाय दौना पान...
का:-
खोपा मा खोंचे रे हाय दौना पान ले डारे जान मोर तोर मुस्कान का जादू डारे तैं, मन मोही डारे तै कारी संवरेंगी तोर उमर नदान....
की:-
गुरतुर बोली तोर लागे बीड़ापान मैं तोर धरती तै मोर आसमान दिल मा समाये रे, पगली बनाये रे तिरछी नजरिया चलाये नैना बान
का:-
कारी कारी रतिहा लाऽगथे अमावस
सपना म आऽके मोला तै सताथस
की:-
नींद मोला आवै नहीं दिल नंइहे चैना
चेहरा झुलत रहिथे तोर दुनों नैना
तान------
का:-
मैं तोर मुरली अउ तैंह मोर तान
तैं चंदा रतिया मैं सुरुज दिनमान
का जादू डारे तैं, मन मोही डारे तै कारी संवरेंगी तोर उमर नदान,,,,
की:-
मैं तोर नदिया अंव तै मोर सागर
कभू झन होवै रीता पीरीत के गागर
का:-
तोर मोर जोड़ी जैसे लागे दीया बाती
चमकत रहिबो संगी सुकवा पहाती
तान------
की:-
सुरता ल राखे रहिबे संझा अउ बिहान
देवत हंव तोला मया मुंदरी पहिचान
का जादू डारे तै मन मोही डारे तै कारी संवरेंगी तोर उमर नदान
तोषण चुरेन्द्र 'दिनकर' धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़ 9575070689
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