नगदी नहीं तो उधार करले nagdi nhi to udhar karle-[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

नगदी नहीं तो उधार करले !!
थोरकुन मोला प्यार  करले !!

आए हे सावन बरसे पानी !!
तोरेच सुरता आथे वो रानी !!



नइ मानय मन तोर बिना रे !!
कब मिलबे तै करार करले !!
थोरकुन मोला प्यार करले !!

बिजली चमके बादर गरजे !!
दाई - ददा मन मोला बरजे !!



कहिथे ये टुरा दिवाना होगे !!
तहुं तो अब इकरार करले !!
नगदी नहीं तो उधार करले !!

तोर दिवाना हाववं वो गोरी !!
बांध ले मोर संग मया डोरी !!



मया के मजा ले ले रे रानी !!
अपनो दिल बेकरार करले !!
थोरकुन मोला प्यार करले !!

कम से कम एक बार करले !!
नगदी नही  तो उधार करले !!


        देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
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