ये जिनगी अंधियारी रात ye jingi adhiyari rat-[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

ये जिनगी अंधियारी रात,
      देख के तोला भोर होगे ।
गोरी गुलाबी तोर चेहरा ले,
      चारो मुड़ा हा अंजोर होगे ।



कहना ल मोर मानय नहीं ,
       ये दिल घलो हा तोर होगे ।
एक फर भांटा मा जइसे ,
           माड़ी भर ले झोर होगे ।



तोर मोर मया पिरित के ,
         गांव भर मा शोर होगे ।
एक फर भांटा म जइसे,
         माड़ी भर ले झोर होगे ।


      देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933



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