* थोरकुन मुँहू ल उठाना *
______***______
अतका तय झन लजाना,
जस छुईमुई कस पाना।
आँखी म आँखी डार मयारु,
थोरकुन मुँहू ल उठाना ।।
* जतका तय लजावत हस,
चेहरा के लाली बाढ़त हे।
असने तोर सुरत के देखे,
मोरो मन बने माढ़त हे।।
तही मोर जिनगी के संगी......तहिच मोर खजाना !
अतका तय झन.......................छुईमुई के पाना !
आँखी म आँखी ......................मुँहू ल उठाना !!
* लाज मोला बड़ आथे संगी,
कइसे के तोला बतावंव।
लाज तो नारी के गहना हरे,
कइसे तोला समझावंव।।
कइसे मय हाँसव बोलंव......दुनिया ल घलो डर्राना!
जिंहा बाजत हे सुघ्घर डमउ,
नंगारा ल झन तय बजाना ।
बेलबेलहा हावस रे बिलवा,
मोला जादा झन सताना ।।
* निचट लचकुरहीन हावस तय,
मोर चुलबुलहीन बन जा।
मया के सुर म सुर मिलाके,
मोर दुलहीन तय बन जा।।
मया भुर्री तन जरत हे........मन ल तय झन जराना!
अतका तय झन.......................छुईमुई के पाना!
आँखी म आँखी.........................मुँहू ल उठाना!!
_____________*********_____________
नोहर आर्य
फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद,छ.ग।
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अतका तय झन लजाना,
जस छुईमुई कस पाना।
आँखी म आँखी डार मयारु,
थोरकुन मुँहू ल उठाना ।।
* जतका तय लजावत हस,
चेहरा के लाली बाढ़त हे।
असने तोर सुरत के देखे,
मोरो मन बने माढ़त हे।।
तही मोर जिनगी के संगी......तहिच मोर खजाना !
अतका तय झन.......................छुईमुई के पाना !
आँखी म आँखी ......................मुँहू ल उठाना !!
* लाज मोला बड़ आथे संगी,
कइसे के तोला बतावंव।
लाज तो नारी के गहना हरे,
कइसे तोला समझावंव।।
कइसे मय हाँसव बोलंव......दुनिया ल घलो डर्राना!
जिंहा बाजत हे सुघ्घर डमउ,
नंगारा ल झन तय बजाना ।
बेलबेलहा हावस रे बिलवा,
मोला जादा झन सताना ।।
* निचट लचकुरहीन हावस तय,
मोर चुलबुलहीन बन जा।
मया के सुर म सुर मिलाके,
मोर दुलहीन तय बन जा।।
मया भुर्री तन जरत हे........मन ल तय झन जराना!
अतका तय झन.......................छुईमुई के पाना!
आँखी म आँखी.........................मुँहू ल उठाना!!
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नोहर आर्य
फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद,छ.ग।

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