मोर मयारू तो भारी दगाबाज हे ।।
तभे मोर अइसन हालत आज हे ।।
चुप चाप रहना,कुछ नहीं कहना ।।
आज- कल मोर यही मिजाज हे ।।
किरिया खाके, तै पिरिया भुलागे ।।
ना तोला सरम,ना तोला लाज हे ।।
सबझन के सामने हांसत रहिथौं ।।
छुप छुप रोना अभी तक राज हे ।।
सब कहिथे टुरी मन बेवफा होथे ।।
दिल तोड़ देना, पुराना रिवाज हे ।।
मजबुरी बताके, सब चले जाथे ।।
कसम से, तोर अलग अंदाज हे ।।
**कृष्णा पारकर**

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