* जम्मो माई पिला *
_____****____
हमर छत्तीसगढ़ के,
हावय सत्तईस जिला ।
जुर -मिल सबो रहिथे,
जम्मोअपन माई पिला ।।
* अलग -अलग जिला के,
अलग- अलग पहिचान ।
सबो जिनिस ल पोटारे,
कहाँ पाबे तय आन।।
कलेवा सुहाथे मोला,,,,इहाँ के फरा चिला!
हमर छत्तीसगढ़ के,
हावय सत्तईस जिला ।
जुर- मिल के सबो रहिथे,
जम्मो अपन माई पिला ।।
* मनखे मन दिखथें,
जस चिरमिरी के कोइला ।
महानदी के धार म,
पोसे पंडरी पोई ल।।
गंटपरहा दिखथे,,,,जस पथरा बैलाडिला ।
हमर छत्तीसगढ़ के,
हावय सत्तईस जिला ।
जुर -मिल सबो रहिथे,
जम्मो अपन माई पिला ।।
* सोना- चाँदी आनी-बानी,
अउ मिलथे जी हीरा ।
धान कटोरा धरती दाई,
हरथे सबके बाढ़त पीरा ।।
बस्तर गुनगुनावत रहिथे,,,रे रिलो रे रिला!
हमर छत्तीसगढ़ के,
हावय सत्तईस जिला ।
जुर- मिल के सबो रहिथे,
जम्मोअपन माई पिला ।।
____________*****_____________
नोहर आर्य,
फरदडीह, डौंडीलोहारा, जिला बालोद,
छत्तीसगढ़

0 टिप्पणियाँ