गणनायक , गनराज , गजानन

गणनायक , गनराज , गजानन ।
    तै विनती सुनले आज गजानन ।
भक्त खड़े हे तोर दुआरी म ।
     बनादे मोर बिगड़े काज गजानन ।

कतका दिन ले रस्ता देखेवं ,
       आए तै साल भर के बाद ।
मन के मुराद ल पूरा करदे ,
       मोला दे दे तोर आशिर्वाद ।

पांच भगत मिल तोर जस गावे,
      बाजय मिरदंग साज गजानन ।

देवा तोर वरदान चाहिए ।
       मोला थोरकुन ज्ञान चाहिए ।
 गावत रहवं तोर भजन ।
       मन म तोर गुड़गान चाहिए ।

तोर दरस बर खड़े हौं दाता ।
       राख ले तै मोर लाज गजानन ।

गणनायक ,गनराज , गजानन ।
        विनती सुनले आज गजानन ।

           *कृष्णा पारकर*

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