* जुरमिल कुछु करोना जी *
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चाचर मता दिस दुनिया म,
सुरसा कस मुँहू फारत हे।
चीन देश ल मइके बताथें,
सब मनखे मन ल मारत हे।।
नांव ऐकर करोना कहिथे,
जुरमिल कुछु करोना जी ।
बाँचे के मरम ल जानव,
कोन्हो झन डरोना जी।।
धुकी दाई के रुप धरे हे,
हावा संग म फइलत हे।
बम बारुद ले जादा पावर,
असने कथे ये वइरस हे।।
मनखे के खांसे छींकें ले,
एक दूसर म जावत हे।
नाक मुँहू तुम तोप के राखव,
जइसे डक्टर बतावत हे।।
हाँथ जोड़ करव जोहार,
हाँथ मिलाय ले बांचव।
घेरी बेरी तुम हाँथ धोवव,
मोरो बात चिटिक जांचव।।
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नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।
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चाचर मता दिस दुनिया म,
सुरसा कस मुँहू फारत हे।
चीन देश ल मइके बताथें,
सब मनखे मन ल मारत हे।।
नांव ऐकर करोना कहिथे,
जुरमिल कुछु करोना जी ।
बाँचे के मरम ल जानव,
कोन्हो झन डरोना जी।।
धुकी दाई के रुप धरे हे,
हावा संग म फइलत हे।
बम बारुद ले जादा पावर,
असने कथे ये वइरस हे।।
मनखे के खांसे छींकें ले,
एक दूसर म जावत हे।
नाक मुँहू तुम तोप के राखव,
जइसे डक्टर बतावत हे।।
हाँथ जोड़ करव जोहार,
हाँथ मिलाय ले बांचव।
घेरी बेरी तुम हाँथ धोवव,
मोरो बात चिटिक जांचव।।
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नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।

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