* मोला तय अपनेच जान के रे *
---------*****----------
मोर जिनगी तोर गिरवी धरागे,
सुख दुख के हावस मितान रे।
मया सउदा तय झन करबे,
मोला तय अपनेच जान के रे।।
* तोर खातिर मय दुनियां छोड़ेंव
.. छोड़ेंव घर अउ दुवार रे।
मया मयारु बनके रहिहौं,
. देंहू मया दूनो जुवार रे।।
अपन हिरदे के भीतरी लुकाले.......मान के अपन परान रे!
मोर जिनगी तोर..............................मितान रे!!
मया के सउदा.............................. जान के रे!!!
* अँचरा छोड़ेंव दाई ददा के,
सरी जती तोला सँउप के।
बीच रद्दा म छोड़ झन देबे,
अँचरा ल धर कोनो सऊत के।।
दूनो के काया एके मिलाके...........एकेठन रखबो जान रे!
मोर जिनगी.........................मितान रे!!
मया के सउदा.......................जान के रे!!!
* दुनो मिल हम जिनगी बिताबो,
सुखदुख संग निभाबो रे।
मया पिरीत के बँधना बँधाके,
सुख के जिनगी पहाबो रे।।
संग रेंगाबे संग लेके जाबे.........अपनेच छईंहा मान के!
मोर जिनगी..........................मितान रे!!
मया के सउदा......................जान के रे!!!
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नोहर आर्य,
. फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद, छ.ग।
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मोर जिनगी तोर गिरवी धरागे,
सुख दुख के हावस मितान रे।
मया सउदा तय झन करबे,
मोला तय अपनेच जान के रे।।
* तोर खातिर मय दुनियां छोड़ेंव
.. छोड़ेंव घर अउ दुवार रे।
मया मयारु बनके रहिहौं,
. देंहू मया दूनो जुवार रे।।
अपन हिरदे के भीतरी लुकाले.......मान के अपन परान रे!
मोर जिनगी तोर..............................मितान रे!!
मया के सउदा.............................. जान के रे!!!
* अँचरा छोड़ेंव दाई ददा के,
सरी जती तोला सँउप के।
बीच रद्दा म छोड़ झन देबे,
अँचरा ल धर कोनो सऊत के।।
दूनो के काया एके मिलाके...........एकेठन रखबो जान रे!
मोर जिनगी.........................मितान रे!!
मया के सउदा.......................जान के रे!!!
* दुनो मिल हम जिनगी बिताबो,
सुखदुख संग निभाबो रे।
मया पिरीत के बँधना बँधाके,
सुख के जिनगी पहाबो रे।।
संग रेंगाबे संग लेके जाबे.........अपनेच छईंहा मान के!
मोर जिनगी..........................मितान रे!!
मया के सउदा......................जान के रे!!!
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नोहर आर्य,
. फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद, छ.ग।

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