मनरेगा (कुण्डलियाँ:-तोषण कुमार चुरेन्द्र"दिनकर)

*मनरेगा*

मनरेगा   की  योजना,  गाँव-गाँव  में  शोर।
काम  मिले  मजदूर  को, शासन देता जोर।
शासन  देता  जोर, मिले   है  सबको  पैसा।
नहीं  कहीं  अब झोल, समझ ना ऐसा वैसा।
पत्रक   भरकर   माँग, काम को शासन देगा।
मिलकर करना काम,दिवस सौ का मनरेगा।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र "दिनकर"
युवा सरपंच व साहित्यकार
ग्राम पंचायत धनगाँव डौंं.लो. बालोद छ.ग.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ