निकले हे चांद, रात भी जवान हे ।
आजा ना गोरी, मऊका सनान हे ।
नजर झुकाए चुप-चाप खड़े हस ।
मोला भी बता कहां तोर ध्यान हे ।
मोर मनमंदिर मे तोला बसाए हौं ।
तोर मया मोर-बर पूजा समान हे ।
दौलत के चश्मा, निकाल के देख ।
तोरबर पथरा,मोर बर भगवान हे ।
देख-देख के तोला सांस चलत हे ।
तोर बिना टुरी, मोर मरे बिहान हे ।
समय निकालके आ जाबे रे गोरी ।
तोर संग ददरिया गाए के प्लान हे । 😎
**कृष्णा पारकर**

0 टिप्पणियाँ