बस्तर हे महान[कविता] bastar he mahan[कविता] (sahil nayak)


बस्तर हे महान 

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रूख-राई जंगल झाड़ी
परबत पहाड़ बिरान
मड़िया हिरवा कोदो कुटकी
पेंदा खेती म जामे धान
हलबी गोंडी गुरतुर बोली
पागा तोलगी हे मितान
जय जोहार हो बस्तरिहा बाबू
तोर बस्तर हे महान।
मड़ई मेला हाट बजार
देवारी कस तिहार हे
गोड़ीन देव ,आंगा बिराजे 
सिरहा नाचे लादे हार हे
लिटी अलहन झन आवे कभू
रखवारी म गढ़िया सियान
जय जोहार हो,,,,,,,,,,,,,
चितरकोट बैलडीला दंताशरी मंदिर हे
शहीद गैंदजी इंदरू केंवट
बस्तर राजा परवीर हे
भानु कोंडा अंटा अबूझ
जगदल कांयकर भूगीर हे
सरग अस लागे         बस्तर भूंइया
फेर अंतस म पीर हे
लावा लसकर डर
तेरेता जुग ले
दंडकवन के पहचान हे
जय जोहार हो बस्तरिहा बाबू
तोर बस्तर हे महान।

  --------- साहिल नायक-----------

           कवि/गीतकार
        मा,शा,- करैहा
     सुरही,कांकेर,बस्तर
     मो,9 340389771

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