चुप्पे भले रथन फेर कोंदा नइहन गा
सहथन अत्याचार ला फेर भोंदा नइहन गा
सहि के दुःख पिरा पालत हन कतको किरा
हमर कमाई मा राजा बनगे पहिरत हे हिरा
पहिरथन भले चिरहा कपड़ा, फेर जोंगा नइहन गा
चुप्पे भले रथन फेर कोंदा नइहन गा
कमाथन भले हकन के फ़ेर अधिकार बर लड़त नईहन
जानथन सब कर्तव्य ला फेर अधिकार बर मरत नईहन
सब ला लेके चलथन बीच दहरा बुडइया डोंगा नईहन गा
चुप्पे भले रथन फेर कोंदा नइहन गा
दुसर ला अपन मनईया जम्मो के हम हितवा अन
बने बर बने, अउ बइमान बर हम चितवा अन
मेहनत बर हम आघू आघू , ढ़ोंढा नईहन गा
चुप्पे भले रथन फेर कोंदा नइहन गा
जंगल हमर मितान हे, जमींन बर घला ध्यान हे
पानी ला बचाना हे एकरो हमला ज्ञान हे
विकास बर भले पिछु हन फेर घोंघा नईहन गा
चुप्पे भले रथन फेर कोंदा नइहन गा
रचनाकार /गीतकार
आर्यन चिराम
9407749514
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