बाप पहिरे चिरहा कुर्ता
बाप पहिरे चिरहा कुर्ता ,
बेटा हा सफारी |
बाप छूटे कर्जा,
बेटा करे उधारी ||
बाप हा दिनभर कमावत
हे,बियारी |
बेटा हा बैठ के मारत हे
होसियारी ||
भाई बहेनी के पुछंती नईहे,
खासम-खास होगे सारी ||
बाप के कमाई मा,
बेटा क़िस्त मा ले डारिस
गाड़ी ||
बाप पहिरे चिरहा कुर्ता ,
बेटा हा सफारी |
बाप छूटे कर्जा,
बेटा करे उधारी ||
बाप के जांगर खंगे ,
रोज देवत हे गारी |
काम करेबर जाय नही,
मांगत हे उधारी ||
बाप पहिरे चिरहा कुर्ता ,
बेटा हा सफारी |
बाप छूटे कर्जा,
बेटा करे उधारी ||
क़िस्त ला पटाईस नही,
खीचा गे गाडी |
कर्जा ऊपर कर्जा होगे,
जीना होगे भारी ||
बाप पहिरे चिरहा कुर्ता ,
बेटा हा सफारी |
बाप छूटे कर्जा,
बेटा करे उधारी ||
लत होगे फैशन के,
बेचागे लोटा थारी |
कोनो अब भाय नही,
छोड़ के चलदिस नारी ||
बाप पहिरे चिरहा कुर्ता ,
बेटा हा सफारी |
बाप छूटे कर्जा,
बेटा करे उधारी ||
कवि/लेखक/गीतकार
आर्यन चिराम
9407749514
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