देख तो सही तेरी मोहब्बत,
मेरा क्या हाल कर रही है ।
कैसे हूँ मैं जिंदा अब तक ,
जिन्दगी सवाल कर रही है ।
क्यूँ ना देखा तुमने मुड़कर ,
आखिर मै तेरा दिवाना था ।
प्यार क्या किया तुमसे मैने,
जान से मुझको जाना था ।
देखो याद तुम्हारी मुझको ,
अब बेहाल कर रही है ।
कैसे हूँ मैं जिंदा अब तक ,
जिन्दगी सवाल कर रही है।
पहले तो मैं समझता था ,
कि पानी आग बुझाती है ।
अब जाके मालुम हुआ है ,
बारिश आग भड़काती है ।
देखो ना अब बारिश भी ,
क्या कमाल कर रही है ।
धिरे धिरे इश्क तुम्हारी ,
मुझको हलाल कर रही है ।
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933
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