हर तरफ है यादें तुम्हारी,har taraf hai yaade tumhari,[Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

हर तरफ  है  यादें तुम्हारी ,
घर भी नही रहने  लायक ।
किससे कहुं और क्या कहुं,
बचा क्या है कहने लायक ।


कितना रोया कितना तड़पा,
इन सब का हिसाब नही है ।
इश्क ने मुझको क्या दिया ,
सवाल है पर जवाब नहीं है ।

वो लम्हा जब तुम साथ भी ,
मौसम कितना सुहाना था ।
हर पल , हम तुम हंसते थे ,
वो खुशियों का जमाना था ।


याद तो तुम्हारी आज भी बहुत आती है !!
पर वो कहते हैं ना !!

मोहब्बत भी जरूरी थी !!👫
बिछड़ना भी जरूरी था !!🚶💃
                                                                                                           



देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
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