काबर नैना चार करे ।
अतके मोला बतादे टुरी,
काबर मोर ले प्यार करे ।।
अतके मोला बतादे टुरी,
नैना मोर ले मिलाए काबर ।
जाना रिहिस छोड़ के त,
जिनगी मे आए काबर ।।
जाना रिहिस छोड़ के त,
मया ल काबर बढ़ाए ।
रंग रंग के सपना देखाए,
चना के झाड़ चढ़ाए ।।
रंग रंग के सपना देखाए,
सपना ला फेर तोड़ दिये।
मया मा मोला पगला करके,
अइसे काबर छोड़ दिये ।।
मया मा काबर दगा दिए,
सोंच के तै पछताबे टुरी ।
जइसे मोला दगा दिए तै,
तहुं हा धोखा खाबे टुरी।।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


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