याद भी एक चेहरा , आता रहा रात भर ।।
अभी कल ही तो बिछड़ा है वह दोस्त मेरा ।
और याद मुझे उसकी, जगाता रहा रात भर।।
उसके चले जाने से ,जान ही ना चली जाए ।
सोच कर मन मेरा , घबराता रहा रात भर ।।
कोई भी ऐसा नहीं , जो समझे दिल का हाल।
तन्हा बैठा , आवाज लगाता रहा रात भर ।।
कैसे मै ना देख पाया,उसके मन की कपट ।
बेबसी मे आंख भी छलकाता रहा रात भर ।।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


0 टिप्पणियाँ