जिनगी हावय दिन चार गोरी रे ।
तै मोर रानी , अउ मै तोर राजा ।
आके रानी मोर मन मे समाजा ।
तोर चेहरा मोला दिवाना करे हे ।
नैना मा तोर कोनो जादू भरे हे ।
करले ना मोर संग प्यार गोरी रे ।
मोला दे दे मया तै उधार गोरी रे ।
सुरता मा तोर , नींद नइ आवय ।
पागल दिल ला कोन समझावय ।
सुन्ना हावय गोरी कुरिया मन के ।
जिनगी मा आजा सवेरा बन के ।
जिनगी करदे , उजियार गोरी रे ।
अब तोरे तो हे , इंतज़ार गोरी रे ।
अब कुछ भी कहे संसार गोरी रे ।
तै दुनिया के टेंशन ल टार गोरी रे ।
कृष्णा पारकरबिलासपुर सीपत
+91 93404 04933
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