ना भुला मै सुबह,na bhula mai subah[Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

ना भुला मै सुबह,ना भुला मै तुझे शाम को ।
होंठों से लगाए रखा, हर पल तेरे नाम को ।



मेरा मुझमे क्या रहा ,
         सब कुछ तो तुम ले गए ।
जिन्दगी भी है तुम्हारी ,
          ये अहसास मुझे दे गए ।




क्यूं ना तेरे नाम लिखूं, इस उम्र तमाम को ।
होंठो से लगाए रखा , हर पल तेरे नाम को।


मर जाऊंगा तेरे बिना ,
         ऐसा कोई वादा नहीं है ।
पर जिंदा रहुं तेरे बिना ,
          ऐसा भी ईरादा नही है ।


तेरे संग है जीना यारा,क्या सोचुं अंजाम को ।
होंठों से लगाए रखा , हर पल तेरे नाम को ।


                                             
देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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