ए गोरिया तोर पिरिया ye goriya tor piriya-[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

ए गोरिया तोर पिरिया,मन मा मोर छाए ओ,
बइहा करे पगला करे , दिवाना तै बनाए ओ,

घेरी बेरी सुरता तोर,
होगे जिनगी पुरता तोर,
अंधियारी जिनगी ला गोरी,
आ के रानी करदे ना रे अंजोर,



ए रे टुरी तोर ये चुरी , निंदिया जगाए ओ,
दिन कटना मुश्किल हे,रात नइ पहाए ओ,
ए गोरिया तोर पिरिया, मन मा मोर छाए ओ,
बइहा करे पगला करे , दिवाना तै बनाए ओ,



सुन ओ हसिना,
मुश्किल हावे जीना,
मन हा मोर मानय नहीं,
 मै कहां जाववं तोर बिना,




ए रे रानी तोर जवानी , आगी लगाए ओ ,
गांव सहर जम्मो डहर,तोर चर्चा छाए ओ ,


ए गोरिया तोर पिरिया, मन मा मोर छाए ओ,
बइहा करे पगला करे , दिवाना तै बनाए ओ ,

  देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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