*परिचय*
लोहारा के तीर मा,बसे हवय धनगाँव।
बोहावत हे खरखरा, बर पीपर के छाँव।।
बेटा जोहर लाल के,तोषण हावय नाँव।
मिलके सब आशीष दव,लागँव सबके पाँव।।
तोषण मँय तो लेड़गा,हावँव बड़ मतिमंद।
किरपा बरसय राम के,सुग्घर गढ़िहँव छंद।।
शाला जाथँव रोज मँय,करँव ग्यान के दान।
का छोटे अउ का बड़े,पाथँव सबके मान।।
भाई बहिनी चार हँन,सबले बड़का आँव।
नँइहे दाई संग में,जोहर ददा मनाँव।।
चितरेखा हे संगिनी,बेटा मोर डुमेश।
हँसी खुशी मा दिन चले,नइहे कोनों क्लेश।।
भूल चूक ला दव क्षमा,माँगत हँव कर जोर।
हावँव गा मतिमंद मँय,धीरज नँइहे थोर।।
"तोषण कुमार चुरेन्द्र "
धनगंइहा, डौंडी लोहारा
9617589667

0 टिप्पणियाँ