करले जपन सियाराम के मालाs
चोला तर जाहीss नाss
बीsच भँवर मा फँसे हे डोंगा
पाsर हो जाsहीss नाss
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खाली हाथ तैहा आये जगत में
खाली हाथ जाबे नाsss
जाये के पहिलीs तैहाs रे बइहा
राम गुन गाले ना
धरम करम के करले कमाई
जिवरा जुड़ाही ना
बीsच भँवर मा फँसे हे डोंगा
पाsर हो जाsहीss नाss
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माटी के ओढ़ना माटी बिछौना
माटी के हे घर बार
राम भजन बिन जिनगी हे बिरथा
हावय जगत में सार
परही छिंटा पानी के ढेला मा
झट घुर जाही ना
बीsच भँवर मा फँसे हे डोंगा
पाsर हो जाsहीss नाss
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चारेच दिन के चटक चँदैनी
फेर अँधियारी रात
मया मोह मा झन फँसे रहिबे
मान तोषण के बात
हावय जिनगी हरियर पाना
एकदिन पिंवराही ना
बीsच भँवर मा फँसे हे डोंsगा
पाsर हो जाsहीss नाss
तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"

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