** वाह रे!स्माट फोन **
जब ले आइस स्माट फोन,
सब चलावत हे नेट।
का टूरी का टूरा सबो,
जंउहर हावय सेट।।
सुत उठके सब ले आगू,
खोलत हावय नेट।
घर दुवारी कुकूर भूंके,
कोनों ल नइहे चेत।।
दाई कथे उठना बेटा,
होगे रे बिहिनिया ।
अंगाकर संग खाले बेटा,
पीसे हंव चटनिया।।
सोसन भर खाबे तब,
भर जाही तोर पेट ।
कोचकत रहिथस फोन ल,
स्कूल बर होथे लेट।।
ददा सिधवा गंवईहा ठेठ,
करजा म बूडे पेटला सेठ।।
टूरी बात का कहिबे,
दिखत हावय टिपटाप।
का बाना ल अरोय रहिथे,
दिखथे निच्चट हाफ।।
आडी काडी करय नहीं,
कभू धरे न हंसिया बेंठ।
उत्ता धुर्रा सेट बदलत हे,
घेरी बेरी पूछत हे रेट।।
कतकोन बरबाद होके,
जिनगी ल देथे मेट।
काला काला बतावंव भइया,
देख के चलावव नेट।।
देख के चलावव नेट,,,,,,
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नोहर आर्य
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।

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