गाय की दशा
कुण्डलिनी
११/१२/१९
गाय हमारी मात है, जाने ये संसार।
फिर भी बूचड़ खान में, क्यूँ कटती लाचार।।
क्यूँ कटती लाचार, ध्यान इस पर दें सारे।
गौ हत्या हो बन्द, लगायें मिलकर नारे।
आज बचायें प्राण, डरी हैं सहमी बेचारी।
करलें रक्षा यत्न, मात है गाय हमारी।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
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