*बछर भर होगे भेंट नइ करे तै*
*मोर संग मिले बर तै आबे का*
*तोर दर्शन के आसा लगे हावे*
*एक झलक मोला देखाबे का*

तोर बिना रे पहाय नहीं बेरा ।।
बात ल तै मोर पतियाबे का ।।

मोर मन मे तोर मुरत बसे हे ।।
तोर मन मे मोला बसाबे का ।।

जनम जनम के वादा करके ।।
मोर संग जिनगी बिताबे का ।।

तहीं तो रानी, मोर सपना के ।।
सपना ला मोर तै सजाबे का ।।

मोर तिर आके, दरस देखाके ।।
पईरी ल छुम-छुम बजाबे का ।।

मोर बात अगर तै मानबे नहीं ।।
अब तहीं बता, के तै पाबे का ।।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ