माँ तेरे चरणों में

माँ तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ
करूँ वंदना मैं तुझको मनाऊँ

तुम्ही जीवन मेरा सारा जहाँ
तेरी कृपा से माँ सरगम गाऊँ।

ध्येय पथ मेरा रुकने न पायें
सत्यपथ पर बलि बलि जाऊँ।

दुख पहाड़ हो या लाख बाधा
दुआ से कभी पग न डिगाऊँ।

तेरा लाल दाती माता सबकी
मंदमति मैय्या तुमको रिझाऊँ।

आस तोषन को तेरे दरश की
लक्ष्य पथ अपने साथ पाऊँ।

हल्बा समाज सारे तुझे ध्याये
संग मिलकर ध्वज लहराऊँ।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा
बालोद, छत्तीसगढ़
11/12/19

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ