* गाड़ा बइला के सवारी *
_______****_______
ना तो नदिया के पार ये,
न तो गुंजा चंदन के प्यार हे।
जांगर टोर कमईया जोही,
दुनो परानी बैला गाड़ा मे सवार हे।।
* ना तो कोनो बटोहिया हे,
ना तो कोनो दिखत डगरिया हे।
इंहा गंवई के पयडगरी म,
धरसा अउ चारों मुंड़ा बस खार हे।
खड़बड़हा दचकाहा रस्ता म,
ना तो सड़क अउ मोटरकार हे।।
ना तो नदिया के पार............
दुनो परानी बैलागाड़ा...........
* ना तो सनिमा के कोन्हो सीन,
ना तो सुंदर नंदिया अउ पहार हे।
हमर गंवई गांव मे चारो डहर,
मंड़वा कस आमा अउ नीम के डार हे।।
ना तो नदिया के पार...........
दुनो परानी बैलागाड़ा..........
गंवई महिमा काला बतावंव,
बोहावत नरवा ढोंढ़गा के धार हे।
साग आनी बानी के"नोहर"हे,
इंहा घरोघर सेमी तुमा के नार हे।।
ना तो नदिया के पार..........
दुनो परानी बैलागाड़ा........
________________*************____________ नोहर आर्य,फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद,छ.ग.* गाड़ा बइला के सवारी *
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ना तो नदिया के पार ये,
न तो गुंजा चंदन के प्यार हे।
जांगर टोर कमईया जोही,
दुनो परानी बैला गाड़ा मे सवार हे।।
* ना तो कोनो बटोहिया हे,
ना तो कोनो दिखत डगरिया हे।
इंहा गंवई के पयडगरी म,
धरसा अउ चारों मुंड़ा बस खार हे।
खड़बड़हा दचकाहा रस्ता म,
ना तो सड़क अउ मोटरकार हे।।
ना तो नदिया के पार............
दुनो परानी बैलागाड़ा...........
* ना तो सनिमा के कोन्हो सीन,
ना तो सुंदर नंदिया अउ पहार हे।
हमर गंवई गांव मे चारो डहर,
मंड़वा कस आमा अउ नीम के डार हे।।
ना तो नदिया के पार...........
दुनो परानी बैलागाड़ा..........
गंवई महिमा काला बतावंव,
बोहावत नरवा ढोंढ़गा के धार हे।
स
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ना तो नदिया के पार ये,
न तो गुंजा चंदन के प्यार हे।
जांगर टोर कमईया जोही,
दुनो परानी बैला गाड़ा मे सवार हे।।
* ना तो कोनो बटोहिया हे,
ना तो कोनो दिखत डगरिया हे।
इंहा गंवई के पयडगरी म,
धरसा अउ चारों मुंड़ा बस खार हे।
खड़बड़हा दचकाहा रस्ता म,
ना तो सड़क अउ मोटरकार हे।।
ना तो नदिया के पार............
दुनो परानी बैलागाड़ा...........
* ना तो सनिमा के कोन्हो सीन,
ना तो सुंदर नंदिया अउ पहार हे।
हमर गंवई गांव मे चारो डहर,
मंड़वा कस आमा अउ नीम के डार हे।।
ना तो नदिया के पार...........
दुनो परानी बैलागाड़ा..........
गंवई महिमा काला बतावंव,
बोहावत नरवा ढोंढ़गा के धार हे।
साग आनी बानी के"नोहर"हे,
इंहा घरोघर सेमी तुमा के नार हे।।
ना तो नदिया के पार..........
दुनो परानी बैलागाड़ा........
________________*************____________ नोहर आर्य,फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद,छ.ग.* गाड़ा बइला के सवारी *
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ना तो नदिया के पार ये,
न तो गुंजा चंदन के प्यार हे।
जांगर टोर कमईया जोही,
दुनो परानी बैला गाड़ा मे सवार हे।।
* ना तो कोनो बटोहिया हे,
ना तो कोनो दिखत डगरिया हे।
इंहा गंवई के पयडगरी म,
धरसा अउ चारों मुंड़ा बस खार हे।
खड़बड़हा दचकाहा रस्ता म,
ना तो सड़क अउ मोटरकार हे।।
ना तो नदिया के पार............
दुनो परानी बैलागाड़ा...........
* ना तो सनिमा के कोन्हो सीन,
ना तो सुंदर नंदिया अउ पहार हे।
हमर गंवई गांव मे चारो डहर,
मंड़वा कस आमा अउ नीम के डार हे।।
ना तो नदिया के पार...........
दुनो परानी बैलागाड़ा..........
गंवई महिमा काला बतावंव,
बोहावत नरवा ढोंढ़गा के धार हे।
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