* देखव जब्बर छाती रे *
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तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़िया सिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
अपन कमाथे पर ल देथे,
परहितवा बड भारी रे।
अपन पीथे पानी पसिया,
सब बर बरा सुंहारी रे।।
सबला खवाके अपन खाथे ,,,,,,,,,,,,,,, , , ,,!
कभू नइ राखय थाती रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़ियासिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
सांच खातिर बर जीथे मरथे,
कभू मारय नइ लबारी रे।
दुख पीरा ल चुप्पे सहिके,
करय पेट कटारी रे।।
बर के दीया करथस अंजोर,,, , ,,,,,,,,,,,,,,!
जस तेल अउ बांती रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़िया सिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
खून पसीना एकेच करके,
सबके जीव ल जुडाथे।
चिरई चिरगुन फांफा मिरगा,
तोरेच जस ल गाथे।।
तोर भरोसा जियत हावय,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!,
हथ्थी से लेके चांटी रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़िया सिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
चारी चुगरी ले दुरिहा रहिके,
देवत हे मया के संदेश रे।
अपन भुंइया के सेवा करथे,
नइ जावय कभू परदेश रे।।
रिश्ता नता के धार बोहाथस,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!
फूल फुलवारी संग बूढा नाती रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़ियासिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
देखव जब्बर छाती रे,,,
____________***********____________
नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ,
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तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़िया सिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
अपन कमाथे पर ल देथे,
परहितवा बड भारी रे।
अपन पीथे पानी पसिया,
सब बर बरा सुंहारी रे।।
सबला खवाके अपन खाथे ,,,,,,,,,,,,,,, , , ,,!
कभू नइ राखय थाती रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़ियासिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
सांच खातिर बर जीथे मरथे,
कभू मारय नइ लबारी रे।
दुख पीरा ल चुप्पे सहिके,
करय पेट कटारी रे।।
बर के दीया करथस अंजोर,,, , ,,,,,,,,,,,,,,!
जस तेल अउ बांती रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़िया सिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
खून पसीना एकेच करके,
सबके जीव ल जुडाथे।
चिरई चिरगुन फांफा मिरगा,
तोरेच जस ल गाथे।।
तोर भरोसा जियत हावय,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!,
हथ्थी से लेके चांटी रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़िया सिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
चारी चुगरी ले दुरिहा रहिके,
देवत हे मया के संदेश रे।
अपन भुंइया के सेवा करथे,
नइ जावय कभू परदेश रे।।
रिश्ता नता के धार बोहाथस,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!
फूल फुलवारी संग बूढा नाती रे!!
तन लोहाटी मन सोहाती,
धन बोहाती रे।
छत्तीसगढ़ियासिधवा बेटा,
देखव जब्बर छाती रे ।।
देखव जब्बर छाती रे,,,
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नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ,

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