घनाक्षरी
जाबो मतदान करे,हक ये हमर हरे,
मिले हावे मोका येला, कभु नी गंवाना हे।
चुनबो अपन नेता,सबके हावै चहेता
सुनो मोर भैय्या भौजी,विहीला जिताना हे।
गाँव के बिकास करे,दीन दुख दूर करे,
फले फूले गाँव सारी,सुग्घर बनाना हे।
सुनो सब नर नारी,मिले हावै अब पारी,
देश अउ समाज ला,सुदृढ़ सजाना हे।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
उपाध्यक्ष
मधुर साहित्य परिषद
डौंडी लोहारा

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