आज कल पैसा के सब गुणगान करथे ।।
पता नही काहे अतेक अभिमान करथे ।।
हाथ जोड़ जोड़ के, सब मांगथे दौलत ।।
तो फिर काबर, भगवान ल दान करथे ।।
डोकरी डोकरा कहिके धक्का मार देथे ।।
वो लईका जेन ल मां बाप जवान करथे ।।
जान अउ परान जानु-सनम बर लुटाथे ।।
घर म तो दाई-ददा के मरे'बिहान करथे ।।
असली पुरूष तो वोही पुरूष हर आय ।।
जउन हर- एक नारी के, सम्मान करथे ।।
मां बाप के आशिर्वाद' सब से महान हे ।।
जो बड़े से बड़े मुश्किल आसान करथे ।।
अइसे औलाद के ना होना ही बेहतर हे ।।
जऊन दाई अउ ददा के अपमान करथे ।।
हर बात के जवाब तो समय हर ही देथे ।।
सही गलत के निर्णय तो भगवान करथे ।।
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मै नमन करत हौं, अइसे हर मां-बाप ल ।।
जो देश बर' अपन बेटा ल कुर्बान करथे ।।
**कृष्णा पारकर**

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