* नवा दुल्हिन कस जनावत हे *
_______*******_______
फागुन महिना बनके पहुना,
रंगझाझर मतावत हे।
चारों खुँट मे लाली पिंवरी,
फूल फुलवारी लागत हे ।।
परसा ओढ़िस लाल लुगरा,
दुल्हिन नवा जनावत हे।
खेत खार म बगरे सरसों,
तेल हरदी चढ़ावत हे।।
सेमर फूलगे अगास म,
जम्मो पाना झर्राये हे।
मंउर पहिर के दुल्हा आमा,
अमरइया म मेछराये हे।।
कारी कोयली मोहरी फूँके,
भोंगर्रा सुर मिलाये हे।
जुरमिल के चिरई चिरगुन,
मंगल सोहर गाये हे।।
मँउहा हे मतवार बरतिया,
सबो के मन ल मताये हे।
ढोल नंगारा साजबाज के,
फागुन महिना आये हे।।
फागुन महिना आये हे।।
_____________*****____________
नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।
_______*******_______
फागुन महिना बनके पहुना,
रंगझाझर मतावत हे।
चारों खुँट मे लाली पिंवरी,
फूल फुलवारी लागत हे ।।
परसा ओढ़िस लाल लुगरा,
दुल्हिन नवा जनावत हे।
खेत खार म बगरे सरसों,
तेल हरदी चढ़ावत हे।।
सेमर फूलगे अगास म,
जम्मो पाना झर्राये हे।
मंउर पहिर के दुल्हा आमा,
अमरइया म मेछराये हे।।
कारी कोयली मोहरी फूँके,
भोंगर्रा सुर मिलाये हे।
जुरमिल के चिरई चिरगुन,
मंगल सोहर गाये हे।।
मँउहा हे मतवार बरतिया,
सबो के मन ल मताये हे।
ढोल नंगारा साजबाज के,
फागुन महिना आये हे।।
फागुन महिना आये हे।।
_____________*****____________
नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद,छत्तीसगढ़ ।

0 टिप्पणियाँ