* तीन धार के मंझोत म *
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छत्तीसगढ़ के चारोखुँट म,
देवी देवता के बासा हे।
मन के मनौती पुरा होथे,
जो तोर मन मे आसा हे।।
भोरमदेव बइठे कवर्धा,
डोंगरगढ़ बमलाई हे।
रतनपुर म महामाया,
सम्बलपुर सम्हलाई हे।।
राजिम में राजीव लोचन,
तीन धार के मंझोत म।
तीरथ परयाग के पुन देथे,
बिहने होय के संझोत म।।
दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी दाई,
सबके आस पुरावत हे।
नंदगहिन पतालभैरवी,
कतको पापी ल उबारत हे।।
जतमई, घटारानी,सीतामई के ,
अंचरा ह लहरावत हे।
बेमेतरहीन भद्रकाली ह,
छंइहा अपन बलावत हे।।
रयपुर के कंकालिन दाई,
लप लप जीभ हलावत हे।
चंद्रहासिनी चंदरपुर के,
जगमग जोत लहरावत हे ।।
बालोद झलमला गंगामैया,
दुध के धार बोहावत हे ।
अपन कोरा म जगा देके,
छत्तीसगढ़ दुलरावत हे।।
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नोहर आर्य,
फरदडीह,जिला बालोद ,छत्तीसगढ़ ।

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