आवव सबो झन मिलके हम

सुनता के दीया जलाबो
हमर देस म आये बिपदा ल
जुलमिल के भगाबो
1--आये बीमारी आन देस ले
इहां हहाकार मचावत हे
करम करिन करने वाला
निरही मन परान गंवावत हे
बांचे बर कतको उदिम उपाये
रस्दा कतको बतावत हे
हाथ धोवय घेरीबेरी
मुँह म टोपा लगावत हे
इही बात ल समझके हम
दूसर ल घला समझाबो
आवव,,,,,,,,,
2---महीना अपरेल तारीक
पांच के
सब ल ये परन करना हे
लेहे फइसला देस के मुखिया
बात के पालन करना हे
बिजली बत्ती घर के बुताके
देहरी म दीया जलाना हे
नौ बजे ले दस मिनट बर
बिजय परकास बगराना हे
जाति धरम के बात नोहे संगी
आवव मानवता ल जगाबो
हमर देस म,,,,,आवव,,,,,|
💐गीतकार/शायर💐
साहिल नायक"पैग़ाम"
रीवागहन, डौडीलोहारा
9340389771
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