** हाँस के जिनगी जीथंव **
_______******_______
काबर शरमावंव मय हर,
करम के पसिया ल पीथंव।
दुख सुख के मया मितानी,
'हाँस के जिनगी ल जीथंव।।
* श्रम करे म शरम नइहे,
काम के जात धरम नइहे।
मिहनत के रोटी जिंहा मिलथे,
मोर पसीना उहां गिरथे।।
टांठ करके अपन भरोसा .....पथरा ल घलो घिसथन!
काबर शरमावंव.................पसिया ल पीथंव!
दुख सुख के मया...............जिनगी ल जीथंव!!
* फोकट के खाय मजा नइहे,
कमा के खा कोई सजा नइहे।
हाँथ काबर मय पसारंव,
जब बांहां भुजा म जान हे।
मेहनत करहूं धरती दाई के,
जब तक मोर परान हे।।
घाम पानी अउ जाड़ ल.......मय हाँस हाँस के सहिथंव!
काबर शरमावंव..................पसिया ल पीथंव!
दुख सुख के मया...............जिनगी ल जीथंव!!
* छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया,
फोकट नाम नइ कमांव।
मुँहू के सिरीफ बोल नोहय,
बिन काम कांवरा नइ उठांव।।
सबो कमाओ सबो खाओ.......अहिच तो मय चाहथंव!
काबर शरमावंव...................पसिया ल पीथंव!
दुख सुख के मया.................जिनगी ल जीथंव!!
____________*******____________
नोहर आर्य,
फरदडीह,(डौंडी लोहारा) जिला बालोद,छ.ग।
_______******_______
काबर शरमावंव मय हर,
करम के पसिया ल पीथंव।
दुख सुख के मया मितानी,
'हाँस के जिनगी ल जीथंव।।
* श्रम करे म शरम नइहे,
काम के जात धरम नइहे।
मिहनत के रोटी जिंहा मिलथे,
मोर पसीना उहां गिरथे।।
टांठ करके अपन भरोसा .....पथरा ल घलो घिसथन!
काबर शरमावंव.................पसिया ल पीथंव!
दुख सुख के मया...............जिनगी ल जीथंव!!
* फोकट के खाय मजा नइहे,
कमा के खा कोई सजा नइहे।
हाँथ काबर मय पसारंव,
जब बांहां भुजा म जान हे।
मेहनत करहूं धरती दाई के,
जब तक मोर परान हे।।
घाम पानी अउ जाड़ ल.......मय हाँस हाँस के सहिथंव!
काबर शरमावंव..................पसिया ल पीथंव!
दुख सुख के मया...............जिनगी ल जीथंव!!
* छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया,
फोकट नाम नइ कमांव।
मुँहू के सिरीफ बोल नोहय,
बिन काम कांवरा नइ उठांव।।
सबो कमाओ सबो खाओ.......अहिच तो मय चाहथंव!
काबर शरमावंव...................पसिया ल पीथंव!
दुख सुख के मया.................जिनगी ल जीथंव!!
____________*******____________
नोहर आर्य,
फरदडीह,(डौंडी लोहारा) जिला बालोद,छ.ग।

0 टिप्पणियाँ