वाह जी सरकार
तोर बखान करव कि काहंव अत्याचार
दिन उपर दिन बढ़ा देस
लाकडाऊन के डेट ल
फेर काबर खोल देस
दारु भट्ठी के गेट ल
जम्मों दरुहा सुते रीहीन
नशा पान के चेत ल भूलाके
शराबबंदी के बने मउका रीहिस
वोला काबर डुलादे
हदरहा गरुवा मन भागथे जइसे
हो जथे जब सेला
अइसने जबर भीड़ भट्ठी म
लागे दरुहा मन के टुन्नी मेला
कोरोना असन महामारी के
डर ल घला तिरियादिन
बाटल ले अद्धी अद्धी ले पउवा
जम्मो पइसा ल उंही सिरादिन
अइसे होते रही त
देस के हो जाही बंटाधार
कोरोना ले जादा का खतरा हे
करव जी सुजान बिचार
वाह जी सरकार,,,,
✍साहिल नायक✍
गीतकार/शायर
9340389771

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