विश्व हिन्दी दिवस की बधाई
हिन्दी अपनी शान है,भाषा ये अनमोल।
लिखते-पढ़ते हम सभी,रोज बोलते बोल।
रोज बोलते,बोल समझकर, अपनी बातें।
दुनिया भर में,हिन्दी भाषा,जाने जाते।
चमके जगमग,माथ सजे है,बनकर बिन्दी।
बढ़े बढ़ाये,पढ़े पढ़ाये,मिलकर हिन्दी।
मिलकर अक्षर से जुड़े,छंद बंध का मेल।
नवरस जिनसे नित मिले,चले हिन्द की रेल।
चले हिन्द की,रेल सवारी,अपने द्वारे।
वैदिक नैतिक, ज्ञान समाया,मानें सारे।
हिन्दी कहिए,हिन्दी पढ़िए,लिखिए खिलकर।
मान बढ़ाएँ,ज्ञान कराएँ,हमसब मिलकर।
तोषण चुरेन्द्र दिनकर

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