नवरात्र

🔱नवरात्रि की शुभकामनाएं...🔱

 *नवरात्र दोहा मुक्तक*

नवदिन अउ नवरात के,करले सेवा भोर।
माटी दियना जोत हे,करत हवय अंजोर।।
लेवव मिल आशीर सब,देवय दाई आज,
जात पात ला छोड़ दव,होवय जग मा शोर।।

 *सिंहावलोकनी दोहा*

आई माता भगवती,हम भक्तों के द्वार।
आओ मिलकर माथ दे,लें खुशियाँ उपहार ।।
ले खुशियाँ उपहार सब,करें दीप का दान।
मन से महिषा दूर हो,बढ़े सदा सम्मान।।

तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगांव डौंडी लोहारा

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