* आगे तिहार जेठोनी के *
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आगे तिहार जेठोनी के,
लगिन धराना हे नोनी के।
जवान बेटा बाढ़े हे,
जम्मो बूता ह माढ़े हे।।
तुलसी मंडवा गड़ाना हे,
कुसियार में सजाना हे।
सालिक राम संग बिहा के,
वृंदा के सती बचाना हे।।
पथरा तार के बनगे पथरा ,
तुलसीमाई के धरे अंचरा ।
कथा कहानी बताये हे,
नोहय जी ये ह मुँह अंखरा।।
करम भुगतना सब ल परथे,
का मनखे का भगवान ।
गरब गुमान सब छोड़व,
बनव सुग्घर इनसान ।।
देवता मन ह जागिन हे,
तुंहर जागे के पारी हे।
जागिन ते ह पाइन कहिथे,
बात नोहय लबारी ये।।
बात नोहय लबारी ये
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