फेर क‌ईसे करव तोर भरोसा ,
जान सुन के देय मोला धोखा ।।

क‌ईसे मानव तोर लबारी गोठ ल ,
काकर करा करव सरीखिख सरेखा ।।

आ‌ँखी मा देख , कान मा सून डारेव ,
मया के मेटागे खीचाय , हाथ ले रेखा ।।

हरके बरजे ला न‌इ मानेस थोरको त‌ँय ,
जोड़ी टूटगे बिरथा होगे मया लिखे लेखा ।।

किरिया कसम ला रटाक ले टोर दे रानी ,
आखिर अपन असली रुप ला देस देखा ।।

खुश रा  हमेशा जेकर  संग  लेहस भा‌ँवर ,
जमाना भर मया करबे झन देबे ओला धोखा ।।

आर के रावटे

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