बड़ दिन बाद गोरी देखेव तोला ।
सरग परी सही दिखथस मोला ।।
कान तरसगे तोर भाखा सुनेबर ।
आँखी तरसे , तड़पय मोर चोला ।।
कोन जनी कहां लुका , गवागे रेहे ।
खोजेव पारा बस्ती भर गली टोला ।।
का रूप गड़हे ,तोर गजब विधाता ।
चेहरा सोन कस देहे चांदी के गोला ।।
करके पुजा सुघ्घर आशीष पाबो ।
जय हो माता पार्वती शिव भोला ।।
🙏🏻🙏🏻आर के रावटे🙏🏻🙏🏻
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