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मुचलें त‌ँय मुस्का देथस ओ
दिया मया के जला देथस ओ

काम बुता के थके पीरा
बिना दव‌ई के भुला देथस ओ

बेंझाय कस मोर  ज़िनगी ला
झिनभर मा सुलझा देथस ओ

सुख-दुख के संगी बनके
ऊज्जर अंजोर बगरा देथस ओ

मया पिरित के जातगढ़ हन
रोज नावां पाठ पढ़हा देथस ओ..💐 

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