छेरिक छेरा (तोषण चुरेन्द्र)

छन्नपकैया छंद
१६/१२ मात्रिक छंद

छन्न पकैया छन्न पकैया,छेरिक छेरा आगे।
दान धरम अउ पुन करले गा, सुग्घर बेरा लागे।

छन्न पकैया छन्न पकैया, नाचय गावय खिलके।
टुकनी धरके घुमे दुवारी, सगरो नोनी मिलके।

छन्न पकैया छन्न पकैया, करम दान तै करले।
आजे हावय मौका संगी, पुन के कोठी भरले‌।

छन्न पकैया छन्न पकैया, लालच काम न आही।
मनुज धरम तै रखले चोखा, नाम इही रहि जाही।

छन्न पकैया छन्न पकैया, छेरिक छेरा गावव।
मांगव घर घर जाके दीदी,दान मया के पावव।


तोषण चुरेन्द्र 'दिनकर'
धनगांव डौंडीलोहारा


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