फोटो ला मै तोर निहारत रहिथवं कृष्णा पारकर कविता photo la mai tor niharat rahithv krishna parkar kavita

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फोटो ला मै तोर निहारत रहिथवं ।
अपने अपन बड़बड़ावत रहिथवं ।




तोर सुरता मोला जिए नइ देवय ।
बईठ के आंसु  बोहावत रहिथवं ।

गोठ बात कोनो  के सुहावय नहीं ।
सब झन ला खिसियावत रहिथवं ।




जब जब आथे, गोरी तोर सुरता ।
मै गीत जुदाई के गावत रहिथवं ।

तड़पत रहिथवं मै तोर दरस बर ।
मोर दिल ला समझावत रहिथवं ।



सब नींद -चैन तोर नाव लिखके ।
मै खुद ला दोष लगावत रहिथवं ।

रोवत रोवत मोर दिन हा गुजरथे ।
रात रात भर छटपटावत रहिथवं ।




फोटो ला तोर मै निहारत रहिथवं ।
अपने अपन बड़बड़ावत रहिथवं ।

                                             
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                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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