फोटो ला मै तोर निहारत रहिथवं ।
अपने अपन बड़बड़ावत रहिथवं ।
तोर सुरता मोला जिए नइ देवय ।
बईठ के आंसु बोहावत रहिथवं ।
गोठ बात कोनो के सुहावय नहीं ।
सब झन ला खिसियावत रहिथवं ।
जब जब आथे, गोरी तोर सुरता ।
मै गीत जुदाई के गावत रहिथवं ।
तड़पत रहिथवं मै तोर दरस बर ।
मोर दिल ला समझावत रहिथवं ।
सब नींद -चैन तोर नाव लिखके ।
मै खुद ला दोष लगावत रहिथवं ।
रोवत रोवत मोर दिन हा गुजरथे ।
रात रात भर छटपटावत रहिथवं ।
फोटो ला तोर मै निहारत रहिथवं ।
अपने अपन बड़बड़ावत रहिथवं ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933
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