तोर सजना मोला , चुनबे का ।
अबड़ मया करथौं, करले यकिन।
बिरथा हे जिनगी, गोरी तोर बिन।
एक बात कहना हे , करबे का ।
हाथ ला मोर गोरी,तै धरबे का ।
मया देखाए बर,किरिया खावौं का ।
मया बताए बर,मरके देखावौं का ।
एक बात पुछना हे , बताबे का ।
जिनगी ला मोर संग, पहाबे का।
मया के चिनहा ,तै कबुल करले ।
मया के मीठ मीठ , भुल करले ।
सादी के बंधना मा,तै बंधाबे का ।
जिनगी ला मोर संग, बिताबे का।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933
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