महु ला एक बार धोखा तो खाए दे !!
आवत हे सावन बरसत हावे पानी !
अंतस म मया के बिरवा लगाए दे !!
महु ला एक बार धोखा तो खाए दे !!
जाने कब मिलही मया के मंजिल !
अभी तै मोला कदम तो बढ़ाए दे !!
आंखी म मया के सपना सजाए दे !!
कहिथे के मया आग के दरिया हे !
दरिया मा मया के डोंगा चलाए दे !!
महु ला एक बार धोखा तो खाए दे !!
कोरा पड़े हावय दिल के किताब !
अब अपने दिल मा दाग लगाए दे !!
आंखी म मया के सपना सजाए दे !!
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933
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