आंखी म मया,ankh ma maya,[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

आंखी म मया के सपना सजाए दे !!
महु ला एक बार धोखा तो खाए दे !!



आवत हे सावन बरसत हावे पानी !
अंतस म मया के बिरवा लगाए दे !!
महु ला एक बार धोखा तो खाए दे !!




जाने कब मिलही मया के मंजिल !
अभी तै मोला कदम तो बढ़ाए दे !!
आंखी म मया के सपना सजाए दे !!


कहिथे के मया आग के दरिया हे !
दरिया मा मया के डोंगा चलाए दे !!
महु ला एक बार धोखा तो खाए दे !!


कोरा पड़े हावय  दिल के किताब !
अब अपने दिल मा दाग लगाए दे !!
आंखी म मया के सपना सजाए दे !!

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                                                                      कृष्णा पारकर
                                                                     बिलासपुर सीपत
                                                                   +91 93404 04933
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