अंतस के पीरा कइसे बताववं ।
दिल ल चीर के कइसे देखाववं।
तोर मया बर तरसे ये दिल ,
जीना घलो हावय मुश्किल ,
दिल के बात कोन ला सुनाववं ।
दिल ल चीर के कइसे देखाववं।
दिन - रात हा एके समान हे ,
तोर बिना मोर मरे बिहान हे ,
सुरता ला तोर मै कइसे भुलाववं ।
चीर के दिल ला कइसे देखाववं ।
रोज रात तोर सपना आथे ,
तोर मया मोर जीव जलाथे,
कइसे तोला मै भरोसा दिलाववं ।
चीर के दिल ला कइसे देखाववं ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत+91 93404 04933
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