मया नइ मिलय मांगे उधारी ।
कतको झन हा बइहा होके ,
छोड़ डारे हे अंगना दुआरी ।
दुनिया मा हे अबड़ हसिना ,
कोनो हे गोरी कोनो हे कारी ।
दिल मा इंखर दगा भरे हे ,
मया हे इंखर झुठ लबारी ।
पहिली तो सब बने लागथे,
दिल टुटे ले होथे चिन्हारी ।
बात मा कुछु फरक नइ हे ,
बेवफा ला कतको दे गारी ।
मया हे ढेला पथरा बरोबर,
दुरिहा ले दिखथे बरा सोंहारी ।
जिनगी भर आंसू बोहाथे ,
खुसी मिलथे बस दिन चारी ।
मया मा सब बरबाद होगे ,
लागथे के अब मोरो हे पारी ।
कतको झन हा बइहा होके ,
छोड़ डारे हे अंगना दुआरी ।
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933
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